एक भारी आवाज़ दियारबकर शहर की गलियों से उठी और पूरी फ़िज़ा में घुल गई. अगर आप को कुर्द ज़ुबान का एक भी लफ़्ज़ न आता हो, तो भी आवाज़ में घुला हुआ दर्द आप दिल से महसूस कर पाएंगे.
तुर्की का दियारबकर शहर, तुर्की कुर्दिस्तान की राजधानी कहा जाता है. ये तूफ़ानी नदी दजला के किनारे चौड़े पाट पर बसा है.
मेरा दियारबकर जाना गर्मियों के दिनों में हुआ. उस वक़्त भयंकर गर्मी पड़ रही थी. पूरा इलाक़ा मानो तपते सूरज की किरणों से पीला पड़ गया था. शहर की काली सड़कें तप रही थीं.
दिन के वक़्त तो पूरा शहर वीरान मालूम होता था. मगर शाम के वक़्त उछलते-कूदते शोर मचाते बच्चे, माहौल को हल्का बना देते थे. सिर पर दुपट्टा डाले हुए औरतें घर के काम निपटाने के बाद सामान ख़रीदने के लिए घर से निकलतीं और गाड़ियों में ढेर सारा सामान लाद कर लौटतीं.
जो भारी सी दर्द भरी आवाज़ मैंने सुनी थी, वो दियारबकर की गलियों में गूंज रही थी. काली ईंटों वाली इमारतों की क़तारों के बीच से आती वो आवाज़ मुझे एक बड़े से आंगन की तरफ़ खींच ले गई.
कुर्दिस्तान का दर्द भरा इतिहास बताती आवाज़
गलियों में अंजीर और शहतूत के पेड़ तपती धूप से राहत दे रहे थे. गलियों से गुज़रते हुए आवारा कुत्तों के भौंकने की आवाज़ और दुकानदारों की बांग सुनाई देती थी. कभी-कभार कार का हॉर्न भी बजता सुनाई देता था. इतनी आवाज़ों के बीच भी वो दर्द भरी आवाज़ अलग ही सुनाई दी थी. वो आवाज़ जो मुहब्बत, उम्मीद, ग़म और नाउम्मीदी को एक साथ बयां करती थी.
गलियों से गुज़रते हुए आख़िर में हम खुले से सहन में दाख़िल हुए. इसे माला देंगबेज यानी देंगबेज का मकान कहा जाता है. यहां आधुनिक दिखने वाला खुला सा आंगन था. जिसे अच्छे से तराश कर नया लुक दिया गया था. ये कम से कम एक सदी पुरानी इमारत थी. यहां पर ओपन-एयर थिएटर था.
जिस दर्द भरी आवाज़ का ज़िक्र हम कर रहे थे, वो इसी जगह से आ रही थी. और वो बयां कर रही थी कुर्दिस्तान का दर्द भरा इतिहास और इसके साथ क़िस्मत का क्रूर मज़ाक़. जिस इलाक़े को कुर्दिस्तान कहा जाता था, वो आज चार मुल्कों के बीच बंटा हुआ है. 1916 में अंग्रेज़ों और फ्रांसीसियों ने मिलकर कुर्दिस्तान को सीरिया, इराक़, तुर्की और ईरान में बांटने का गुपचुप समझौता कर लिया था. आज 2.5 से 3.5 करोड़ कुर्द बेमुल्क के बाशिंदे हैं. उनका अपना वतन नहीं है. लेकिन, अपनी ज़ुबान, संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और साझा इतिहास की मदद से कुर्दों ने अपने वतन को अपने दिलों में ज़िंदा रखा है.
1923 में तुर्की की स्थापना से पहले कुर्द ज़ुबान और संस्कृति को अपनी पहचान बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है. तुर्की के शासकों का पूरा ज़ोर कुर्दों की अलग पहचान मिटाकर उन्हें कुर्द से तुर्क बनाने पर रहा है. क़रीब एक सदी से कुर्द लोग अपने अलग देश की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं.
अभी दो साल पहले यानि 2016 में कुर्द उग्रवादियों का तुर्की की सरकार के साथ हिंसक संघर्ष हुआ था. इस लड़ाई में पुराने दियारबकर शहर का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया. इस इलाक़े में आज चल रहे निर्माण कार्य असल में उस जंग के ज़ख़्मों के निशान हैं. पुनर्निर्माण के लिए शहर के एक बड़े हिस्से की घेरेबंदी कर के उसे अलग कर दिया गया है.
Sunday, November 25, 2018
Wednesday, November 7, 2018
एक ओवर में बरसे ताबड़तोड़ 43 रन, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, जानिए कैसे
जीलैंड स्थित हेमिल्टन के सेडॉन पार्क में बुधवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया. यहां 'द फोर्ड ट्रॉफी' के तहत खेले गए 50 ओवर के मैच में एक ओवर में इतने रन बन गए कि लिस्ट-ए क्रिकेट में यह वर्ल्ड रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज हो गया है.
दरअसल, नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की ओर से खेलते हुए जो कार्टर (नाबाद 102 रन) और ब्रेट हैंपटन (95 रन) की जोड़ी ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स के तेज गेंदबाज विलेम लुडिक के एक ओवर में 43 (4, 6+nb, 6+nb, 6, 1, 6, 6, 6) रन ठोक डाले.
ससे पहले लिस्ट-ए क्रिकेट में एक ओवर में सर्वाधिक रन बनने का रिकॉर्ड एल्टन चिगुंबुरा के नाम था, जिन्होंने 2013 में ढाका प्रीमियर डिविजन मुकाबले में शेख जमाल क्लब की ओर से खेलते हुए आबाहनी लिमिटेड के खिलाफ अलाउद्दीन बाबू के एक ओवर में 39 (nb5, w1, 6, 4, 6, 4, 6, w1, 6) रन बना डाले थे.
लिस्ट-ए क्रिकेट में वनडे इंटरनेशनल के अलावा विभिन्न घरेलू मुकाबले शामिल होते हैं. वैसे अंतरराष्ट्रीय मैच भी लिस्ट-ए के अंतर्गत आते हैं, जिनमें खेल रही टीमों को वनडे इंटरनेशनल का दर्जा प्राप्त नहीं है. लिस्ट-ए के तहत 40 से 60 ओवर तक की एक पारी होती है.
तीन महीना पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बाबा बालदास से मुलाकात की थी. इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि बाबा बालदास की कृपा बीजेपी पर इस बार भी बरसेगी. मगर ऐसा नहीं हुआ. बाबा बालदास ने अचानक कांग्रेस मुख्यालय का रुख कर लिया. यहां उन्हें हाथों हाथ लिया गया. पार्टी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, चरणदास महंत, मोतीलाल वोरा, टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल जैसे नेताओं ने बाबा बालदास की आगवानी की.
बीजेपी पर जातिवाद फैलाने का लगाया आरोप
धर्मगुरु बाबा बालदास ने कहा, लंबे समय से देख रहे हैं कि कांग्रेस बड़े अच्छे ढंग से पार्टी और सरकार चलती रही है. जब बीजेपी की सरकार सत्ता में आई तो लगा कि सतनामी समाज के विकास के लिए काम किए जाएंगे लेकिन उसने हमारे समाज से भेदभाव किया औऱ अब जातिवाद कर रही है. आज भी हमारे समाज के लोंगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है.
दरअसल, नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की ओर से खेलते हुए जो कार्टर (नाबाद 102 रन) और ब्रेट हैंपटन (95 रन) की जोड़ी ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स के तेज गेंदबाज विलेम लुडिक के एक ओवर में 43 (4, 6+nb, 6+nb, 6, 1, 6, 6, 6) रन ठोक डाले.
ससे पहले लिस्ट-ए क्रिकेट में एक ओवर में सर्वाधिक रन बनने का रिकॉर्ड एल्टन चिगुंबुरा के नाम था, जिन्होंने 2013 में ढाका प्रीमियर डिविजन मुकाबले में शेख जमाल क्लब की ओर से खेलते हुए आबाहनी लिमिटेड के खिलाफ अलाउद्दीन बाबू के एक ओवर में 39 (nb5, w1, 6, 4, 6, 4, 6, w1, 6) रन बना डाले थे.
लिस्ट-ए क्रिकेट में वनडे इंटरनेशनल के अलावा विभिन्न घरेलू मुकाबले शामिल होते हैं. वैसे अंतरराष्ट्रीय मैच भी लिस्ट-ए के अंतर्गत आते हैं, जिनमें खेल रही टीमों को वनडे इंटरनेशनल का दर्जा प्राप्त नहीं है. लिस्ट-ए के तहत 40 से 60 ओवर तक की एक पारी होती है.
तीन महीना पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बाबा बालदास से मुलाकात की थी. इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि बाबा बालदास की कृपा बीजेपी पर इस बार भी बरसेगी. मगर ऐसा नहीं हुआ. बाबा बालदास ने अचानक कांग्रेस मुख्यालय का रुख कर लिया. यहां उन्हें हाथों हाथ लिया गया. पार्टी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, चरणदास महंत, मोतीलाल वोरा, टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल जैसे नेताओं ने बाबा बालदास की आगवानी की.
बीजेपी पर जातिवाद फैलाने का लगाया आरोप
धर्मगुरु बाबा बालदास ने कहा, लंबे समय से देख रहे हैं कि कांग्रेस बड़े अच्छे ढंग से पार्टी और सरकार चलती रही है. जब बीजेपी की सरकार सत्ता में आई तो लगा कि सतनामी समाज के विकास के लिए काम किए जाएंगे लेकिन उसने हमारे समाज से भेदभाव किया औऱ अब जातिवाद कर रही है. आज भी हमारे समाज के लोंगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है.
CM योगी बोले- पहले से है राम मंदिर, अब उसे बनाना है भव्य
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अयोध्या में मंदिर था, है और रहेगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर को सिर्फ भव्यता देने की बात है वो भी जल्दी होगी. यूपी के सीएम ने यह बात अपने अयोध्या दौरे के दूसरे दिन मीडिया से बात करते हुए कही.
योगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार संवैधानिक दायरे में रहकर तमाम विकल्पों पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास अयोध्या की पहचान को वापस दिलाने की है. हमारी सरकार के द्वारा जो कोशिशें हो रही हैं. वो अयोध्या को उसके वास्तविक पहचान दिलाने की दिशा में उठाया गया कदम है.
साधु-संत की नाराजगी के सवाल पर योगी ने कहा कि कोई साधु-संत हमसे नाराज नहीं है. सभी संत हमारे साथ हैं. सबसे ज्यादा राम विलास वेदांती जो बोलते हैं, वो हमारे साथ बैठे हैं. उन्होंने कहा कि सारे संतों का आशिर्वाद राष्ट्रवादी सरकारों के साथ है.
योगी ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम की एक दर्शनीय मूर्ति स्थापित हो, इसके लिए चर्चा की है. सीएम ने यह भी कहा कि उन्होंने मूर्ति के स्थापित करने के लिए एक- दो जगह भी देखी है. एक पूजनीय मूर्ति मंदिर में होगी और एक दर्शनीय मूर्ति अलग होगी.
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या के बारे में सकारात्मक सोच के साथ यहां की आध्यात्मिक गतिविधियों को सामने रख सकें, यही मंशा है. अयोध्या के लिए सरकार ने बहुत सारी योजनाएं बनाई हैं. उन्होंने कहा कि यहां बिना ढके तार हटाकर उन्हें अंडरग्राउंड किया जा रहा है. स्वच्छता के लिए विशेष आग्रह किया गया है. विकास के सर्वे का काम अंतिम चरण में चल रहा है.
सीएम योगी ने कहा अयोध्या हमारी सात धार्मिक पवित्र नगरियों में से एक है. ये श्रद्धा का एक प्रमुख केंद्र है. यहां की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को हमने दुनिया के सामने रखा है. इससे बहुत अच्छा संदेश पूरी दुनिया में गया है.
उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमने दक्षिण कोरिया को निमंत्रण दिया था. कोरिया की प्रथम महिला का अयोध्या आना हमारे लिए गौरव की बात है.
योगी ने कहा कि अयोध्या में विकास के लिए हम हरसंभव कोशिश में लगे हैं. इन योजनाओं को व्यावहरिक धरातल पर उतारने के लिए हमने स्वयं निरीक्षण किया है. हमारा विश्वास है कि आने वाले कुछ सालों में अयोध्या दुनिया की बेहतरीन नगरी के रूप में स्थापित होगी. इसके जरिए आसपास के इलाकों में विकास होगा. सरयू नदी के पवित्र जल को अविरल बनाने के दिशा में कदम उठा रहे हैं.
योगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार संवैधानिक दायरे में रहकर तमाम विकल्पों पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास अयोध्या की पहचान को वापस दिलाने की है. हमारी सरकार के द्वारा जो कोशिशें हो रही हैं. वो अयोध्या को उसके वास्तविक पहचान दिलाने की दिशा में उठाया गया कदम है.
साधु-संत की नाराजगी के सवाल पर योगी ने कहा कि कोई साधु-संत हमसे नाराज नहीं है. सभी संत हमारे साथ हैं. सबसे ज्यादा राम विलास वेदांती जो बोलते हैं, वो हमारे साथ बैठे हैं. उन्होंने कहा कि सारे संतों का आशिर्वाद राष्ट्रवादी सरकारों के साथ है.
योगी ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम की एक दर्शनीय मूर्ति स्थापित हो, इसके लिए चर्चा की है. सीएम ने यह भी कहा कि उन्होंने मूर्ति के स्थापित करने के लिए एक- दो जगह भी देखी है. एक पूजनीय मूर्ति मंदिर में होगी और एक दर्शनीय मूर्ति अलग होगी.
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या के बारे में सकारात्मक सोच के साथ यहां की आध्यात्मिक गतिविधियों को सामने रख सकें, यही मंशा है. अयोध्या के लिए सरकार ने बहुत सारी योजनाएं बनाई हैं. उन्होंने कहा कि यहां बिना ढके तार हटाकर उन्हें अंडरग्राउंड किया जा रहा है. स्वच्छता के लिए विशेष आग्रह किया गया है. विकास के सर्वे का काम अंतिम चरण में चल रहा है.
सीएम योगी ने कहा अयोध्या हमारी सात धार्मिक पवित्र नगरियों में से एक है. ये श्रद्धा का एक प्रमुख केंद्र है. यहां की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को हमने दुनिया के सामने रखा है. इससे बहुत अच्छा संदेश पूरी दुनिया में गया है.
उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमने दक्षिण कोरिया को निमंत्रण दिया था. कोरिया की प्रथम महिला का अयोध्या आना हमारे लिए गौरव की बात है.
योगी ने कहा कि अयोध्या में विकास के लिए हम हरसंभव कोशिश में लगे हैं. इन योजनाओं को व्यावहरिक धरातल पर उतारने के लिए हमने स्वयं निरीक्षण किया है. हमारा विश्वास है कि आने वाले कुछ सालों में अयोध्या दुनिया की बेहतरीन नगरी के रूप में स्थापित होगी. इसके जरिए आसपास के इलाकों में विकास होगा. सरयू नदी के पवित्र जल को अविरल बनाने के दिशा में कदम उठा रहे हैं.
Monday, November 5, 2018
आज राममय रहेगी अयोध्या, योगी की खुशखबरी से शांत होगा संत समाज?
पर संतों के तीखे तेवर को देखते हुए पूरे देश की निगाहें आज अयोध्या पर लगी हुई हैं. दिल्ली में संतों की हुई मीटिंग में कहा गया कि मंदिर से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं, दूसरी ओर, सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि दिवाली पर खुशखबरी लेकर अयोध्या जा रहे हैं. वह दिन आ गया. मंगलवार को सीएम अयोध्या पहुंच रहे हैं.
11.30 बजे से लेकर 3.30 बजे तक तक शोभा यात्रा निकाली जाएगी जो अयोध्या की गलियों से होते हुए राम कथा पार्क पर समाप्त होगी. यहीं पर मुख्य आयोजन होगा, जहां विदेशी कलाकारों के साथ ही राज्य के कलाकार कार्यक्रम पेश करेंगे. इस बीच, कलाकारों को रैंप वॉक करा राम और सीता के चयन करने पर विवाद खड़ा हो गया है. कई संतों ने इस तरह के चयन पर आपत्ति जताई है और सीएम से इसकी शिकायत करने की बात कही है.
क्या कोई नई घोषणा होगी?
राम मंदिर को लेकर सीएम क्या घोषणा करने वाले हैं, इसकी उत्सुकता बनी हुई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि राम मंदिर के बारे में कोई घोषणा हो सकती है. दूसरी ओर कहा जा रहा है कि योगी की योजना बाहर आ चुकी है. अयोध्या में सरयू के किनारे 151 मीटर ऊंची भगवान राम की तांबे की मूर्ति बनवाने की घोषणा योगी करने वाले हैं. इतना तो तय है कि योगी जो भी घोषणा करेंगे उसका समर्थन और विरोध होना तय है. क्योंकि संतों ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि उन्हें ऊंची प्रतिमा नहीं राम मंदिर चाहिए. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि 100 मीटर ऊंची राम की प्रतिमा बनाने की घोषणा तो सीएम पिछली दिवाली में ही कर चुके हैं.
रैंप वॉक पर आक्रोश
संतों का आरोप है कि रविवार की शाम को आयोजन समिति ने राम की पैड़ी पर कलाकारों का रैंप वॉक कराया और इनमें से 3 जोड़ियों का चयन राम-सीता के लिए किया. ये जोड़ियां मंगलवार को होने वाले तमाम आयोजनों में शिरकत करेंगी.
राम-सीता की पहली जोड़ी राम कथा पार्क में हेलिकॉप्टर से उतरेगी. इनका स्वागत मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला, यूपी के राज्यपाल राम नाईक और अन्य गणमान्य लोग करेंगे.
राम- सीता की दूसरी जोड़ी का स्वागत राम की पैड़ी पर किया जाएगा, वहीं तीसरी जोड़ी राम कथा पार्क तक पहुंचने वाली शोभा यात्रा में मौजूद रहेगी. पूरे शहर में इनका सम्मान किया जाएगा.
इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए रामलला के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास ने कहा कि 'राम और सीता हमारे भगवान हैं और हम उनका बहुत सम्मान करते हैं. उनकी पूजा और आदर हमारी श्रद्धा का सवाल है. राम और सीता के चयन के लिए कलाकारों का रैंप वॉक कराया जाना अपमानजनक है. उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो लोग इस चयन प्रक्रिया में शामिल रहे हैं'.
योगी से करेंगे शिकायत
दिगंबर अखाड़ा के मुखिया महंत सुरेश दास ने कहा कि 'यह हमारे धर्म और संस्कृति के खिलाफ है. जिस तरह से चयन किया गया है वह गलत है. कोई भी आकृति हो जब वह मंदिर में स्थापित होती है तो हम पूजा करने लगते हैं. इसी तरह जो कलाकार राम और सीता बनते हैं हम उनकी पूजा करने लगते हैं. मैं योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से इस चयन प्रक्रिया की शिकायत करूंगा'. चयन समिति में राम मनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी फैजाबाद के लोग भी थे.
दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम जंग सूक सोमवार को ही लखनऊ पहुंच गईं. सीएम के साथ उनका भी अयोध्या पहुंचने का प्रोग्राम है जहां वह दीपावली मेले में भाग लेंगी. दक्षिण कोरिया के कलाकार भी अयोध्या में कार्यक्रम पेश करने वाले हैं.
लेजर शो का लिया आनंद
5 नवंबर को अयोध्या में सरयू के किनारे राम की पैड़ी पर लेजर शो का आयोजन किया गया. इसमें रामायण की कथा को संक्षिप्त रूप में दिखाया गया.लोगों ने इसका आनंद लिया.
क्या है मंगलवार का प्रोग्राम
3 से 3.15 बजे- सुदर्शन पटनायक की बनाई राम की बालू की प्रतिमा का यूपी के सीएम आदित्य नाथ, राज्यपाल राम नाईक, दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला सूक राम बाजार में अनावरण करेंगे.
3.15 से 4 बजे - क्वीन हूह के मेमोरियल की आधारशिला रखी जाएगी.
4 से 4.30 बजे- राम और सीता की भूमिका निभा रहे कलाकार हेलिकॉप्टर से उतरेंगे. सीएम और गणमान्य लोग उनका स्वागत करेंगे.
4.30 से 6.00 बजे- राम कथा पार्क में मुख्य समारोह का आयोजन होगा
6.15 से 6.45 बजे- सरयू घाट पर आरती होगी.
6.45 से 7.30 बजे- राम की पैड़ी पर 3 लाख दीए जलाए जाएंगे.
7.30 से 7.45 बजे- राम की पैड़ी पर वॉटर शो.
7.45 से 8 बजे- रामलीला में भाग ले रहे कलाकारों का सम्मान होगा.
8.00 से 8.15 बजे- पटाखेबाजी
8.30 से 10.30 बजे - इंडोनेशिया, रूस, ट्रिनिडाड के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे. इसके बाद कोरिया के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे.
11.30 बजे से लेकर 3.30 बजे तक तक शोभा यात्रा निकाली जाएगी जो अयोध्या की गलियों से होते हुए राम कथा पार्क पर समाप्त होगी. यहीं पर मुख्य आयोजन होगा, जहां विदेशी कलाकारों के साथ ही राज्य के कलाकार कार्यक्रम पेश करेंगे. इस बीच, कलाकारों को रैंप वॉक करा राम और सीता के चयन करने पर विवाद खड़ा हो गया है. कई संतों ने इस तरह के चयन पर आपत्ति जताई है और सीएम से इसकी शिकायत करने की बात कही है.
क्या कोई नई घोषणा होगी?
राम मंदिर को लेकर सीएम क्या घोषणा करने वाले हैं, इसकी उत्सुकता बनी हुई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि राम मंदिर के बारे में कोई घोषणा हो सकती है. दूसरी ओर कहा जा रहा है कि योगी की योजना बाहर आ चुकी है. अयोध्या में सरयू के किनारे 151 मीटर ऊंची भगवान राम की तांबे की मूर्ति बनवाने की घोषणा योगी करने वाले हैं. इतना तो तय है कि योगी जो भी घोषणा करेंगे उसका समर्थन और विरोध होना तय है. क्योंकि संतों ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि उन्हें ऊंची प्रतिमा नहीं राम मंदिर चाहिए. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि 100 मीटर ऊंची राम की प्रतिमा बनाने की घोषणा तो सीएम पिछली दिवाली में ही कर चुके हैं.
रैंप वॉक पर आक्रोश
संतों का आरोप है कि रविवार की शाम को आयोजन समिति ने राम की पैड़ी पर कलाकारों का रैंप वॉक कराया और इनमें से 3 जोड़ियों का चयन राम-सीता के लिए किया. ये जोड़ियां मंगलवार को होने वाले तमाम आयोजनों में शिरकत करेंगी.
राम-सीता की पहली जोड़ी राम कथा पार्क में हेलिकॉप्टर से उतरेगी. इनका स्वागत मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला, यूपी के राज्यपाल राम नाईक और अन्य गणमान्य लोग करेंगे.
राम- सीता की दूसरी जोड़ी का स्वागत राम की पैड़ी पर किया जाएगा, वहीं तीसरी जोड़ी राम कथा पार्क तक पहुंचने वाली शोभा यात्रा में मौजूद रहेगी. पूरे शहर में इनका सम्मान किया जाएगा.
इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए रामलला के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास ने कहा कि 'राम और सीता हमारे भगवान हैं और हम उनका बहुत सम्मान करते हैं. उनकी पूजा और आदर हमारी श्रद्धा का सवाल है. राम और सीता के चयन के लिए कलाकारों का रैंप वॉक कराया जाना अपमानजनक है. उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो लोग इस चयन प्रक्रिया में शामिल रहे हैं'.
योगी से करेंगे शिकायत
दिगंबर अखाड़ा के मुखिया महंत सुरेश दास ने कहा कि 'यह हमारे धर्म और संस्कृति के खिलाफ है. जिस तरह से चयन किया गया है वह गलत है. कोई भी आकृति हो जब वह मंदिर में स्थापित होती है तो हम पूजा करने लगते हैं. इसी तरह जो कलाकार राम और सीता बनते हैं हम उनकी पूजा करने लगते हैं. मैं योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से इस चयन प्रक्रिया की शिकायत करूंगा'. चयन समिति में राम मनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी फैजाबाद के लोग भी थे.
दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम जंग सूक सोमवार को ही लखनऊ पहुंच गईं. सीएम के साथ उनका भी अयोध्या पहुंचने का प्रोग्राम है जहां वह दीपावली मेले में भाग लेंगी. दक्षिण कोरिया के कलाकार भी अयोध्या में कार्यक्रम पेश करने वाले हैं.
लेजर शो का लिया आनंद
5 नवंबर को अयोध्या में सरयू के किनारे राम की पैड़ी पर लेजर शो का आयोजन किया गया. इसमें रामायण की कथा को संक्षिप्त रूप में दिखाया गया.लोगों ने इसका आनंद लिया.
क्या है मंगलवार का प्रोग्राम
3 से 3.15 बजे- सुदर्शन पटनायक की बनाई राम की बालू की प्रतिमा का यूपी के सीएम आदित्य नाथ, राज्यपाल राम नाईक, दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला सूक राम बाजार में अनावरण करेंगे.
3.15 से 4 बजे - क्वीन हूह के मेमोरियल की आधारशिला रखी जाएगी.
4 से 4.30 बजे- राम और सीता की भूमिका निभा रहे कलाकार हेलिकॉप्टर से उतरेंगे. सीएम और गणमान्य लोग उनका स्वागत करेंगे.
4.30 से 6.00 बजे- राम कथा पार्क में मुख्य समारोह का आयोजन होगा
6.15 से 6.45 बजे- सरयू घाट पर आरती होगी.
6.45 से 7.30 बजे- राम की पैड़ी पर 3 लाख दीए जलाए जाएंगे.
7.30 से 7.45 बजे- राम की पैड़ी पर वॉटर शो.
7.45 से 8 बजे- रामलीला में भाग ले रहे कलाकारों का सम्मान होगा.
8.00 से 8.15 बजे- पटाखेबाजी
8.30 से 10.30 बजे - इंडोनेशिया, रूस, ट्रिनिडाड के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे. इसके बाद कोरिया के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे.
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